नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को भारत के ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद से नई दिल्ली में मुलाकात की। इस बैठक में दोनों नेताओं ने कई महत्वपूर्ण सामाजिक और शैक्षिक मुद्दों पर लंबी चर्चा की। यह मुलाकात पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले अहम मानी जा रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए लिखा कि शेख अबू बकर अहमद के साथ बातचीत बहुत सकारात्मक रही और उन्होंने कई मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कहा कि सामाजिक सद्भाव, भाईचारे को बढ़ाने और शिक्षा के क्षेत्र में उनके प्रयास उल्लेखनीय हैं।
Had a very good interaction with Sheikh Abubakr Ahmad Sahab, Grand Mufti of India. We exchanged views on a wide range of issues. His efforts to further social harmony, brotherhood and improve education are noteworthy.@shkaboobacker pic.twitter.com/HSxmCe2aUG
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
मुलाकात के बाद ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद ने भी एक्स पर एक प्रेस ब्रीफ जारी किया। प्रेस ब्रीफ के मुताबिक, बैठक के दौरान उन्होंने कई सामाजिक और शैक्षिक विषयों पर चर्चा की। प्रधानमंत्री ने जामिया मरकज और जमीयतुल उलेमा द्वारा किए गए सामाजिक कार्यों की सराहना की और कहा कि उनके प्रयासों से भारत वैश्विक मंच पर सकारात्मक छवि पेश कर रहा है। दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि ऐसे विकास की ज़रूरत है जिसमें सभी शामिल हों और सरकार तथा अल्पसंख्यक समुदाय के बीच बेहतर कनेक्शन बने।
Met Hon’ble Prime Minister @narendramodi today in New Delhi.
— Sheikh Abubakr Ahmad الشيخ أبوبكر أحمد (@shkaboobacker) February 16, 2026
We had a meaningful discussion on various social, humanitarian, educational and developmental matters, along with issues concerning minority welfare and important international developments. I also brought to his… pic.twitter.com/ioxzST5rlZ
ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद दुनिया के 500 सबसे प्रभावशाली मुसलमानों में शामिल हैं। वह भारत के 10वें और मौजूदा ग्रैंड मुफ्ती हैं, और फरवरी 2019 में इस पद पर नियुक्त हुए थे। केरल के जाने-माने सुन्नी स्कॉलर और ऑल इंडिया सुन्नी जमीयतुल उलमा के नेता शेख अबू बकर अहमद ने जामिया मरकज की स्थापना की और भारत के सबसे बड़े शैक्षिक एवं ह्यूमैनिटेरियन नेटवर्क का निर्माण किया है।
उनका नाम पिछले साल तब सुर्खियों में आया था जब यमन में केरल की नर्स निमिशा प्रिया की फांसी रुकवाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने मौलवियों और परिवार से संपर्क कर आखिरी समय में नर्स की जान बचाई।
शेख अबू बकर अहमद ने 200 से अधिक इंस्टीट्यूशन, 300 से ज्यादा CBSE स्कूल और लगभग 20 हजार प्राइमरी एजुकेशन सेंटर का संचालन किया है। उन्हें ‘अबुल अयतम’ (अनाथों के पिता) के नाम से जाना जाता है। उन्होंने 60 से ज्यादा किताबें लिखी हैं और करीब 20 हजार धार्मिक स्कॉलर को मार्गदर्शन दिया है। उनके प्रयासों ने समुदाय में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
