Falgun Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए करें ये 5 विशेष उपाय

फाल्गुन अमावस्या पर स्नान, दान और तर्पण का विशेष विधान है। इस दिन श्रद्धापूर्वक किए गए कार्यों से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। यदि आप भी अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव और पितरों का आशीर्वाद चाहते हैं, तो इस दिन निम्नलिखित 5 उपाय कर सकते हैं

Falgun Amavasya 2026: पितृ दोष से मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए करें ये 5 विशेष उपायफाल्गुन मास की अमावस्या का हिंदू धर्म में अत्यधिक महत्व है। यह दिन न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, बल्कि इसे जीवन में सुख, समृद्धि और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति का अवसर भी माना जाता है। इस साल फाल्गुन मास की अमावस्या 17 फरवरी 2026 को पड़ रही है। इस दिन स्नान-दान, पितरों के तर्पण और भगवान की आराधना करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की मान्यता है।

धार्मिक ग्रंथों में वर्णित है कि इस दिन जलतीर्थ में स्नान करना, पीपल की पूजा करना और जरूरतमंदों को दान देना विशेष पुण्य देता है। यह उपाय न केवल आत्मा को शांति प्रदान करते हैं, बल्कि पितृ दोष को भी शांत करने और घर में सुख-शांति बनाए रखने में मदद करते हैं।

फाल्गुन अमावस्या पर किए जाने वाले कुछ प्रमुख उपाय इस प्रकार हैं:

1. पीपल की पूजा: देव और पितृ कृपा का संगम

पीपल के वृक्ष को ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है। अमावस्या के दिन पीपल की जड़ में जल अर्पित कर सरसों के तेल का दीपक जलाना अत्यंत शुभ होता है। मान्यता है कि इससे पितरों के साथ-साथ देवताओं का भी आशीर्वाद मिलता है, जिससे घर की सुख-शांति में वृद्धि होती है और अटके हुए कार्य पूर्ण होते हैं।

2. पितृ तर्पण: दोषों से मुक्ति का मार्ग

यदि आपकी कुंडली में पितृ दोष है, तो फाल्गुन अमावस्या इसके निवारण का उत्तम अवसर है। इस दिन दक्षिण दिशा की ओर मुख करके पितरों का तर्पण करें। पितृसूक्त का पाठ करना भी लाभकारी माना गया है। सच्चे मन से किया गया यह कार्य पितरों को तृप्ति प्रदान करता है और परिवार पर उनकी कृपा दृष्टि बनी रहती है।

3. पवित्र स्नान: पापों का नाश और मन की शांति

फाल्गुन अमावस्या पर किसी पवित्र नदी या जलतीर्थ में स्नान का विशेष महत्व है। यदि नदी पर जाना संभव न हो, तो घर में ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। यह न केवल शरीर को शुद्ध करता है, बल्कि मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी करता है।

4. दान-पुण्य: कष्टों से मिलेगी राहत

अमावस्या पर दान का फल कई गुना बढ़कर मिलता है। इस दिन जरूरतमंदों को तिल, वस्त्र, अन्न, गुड़, घी, या काले जूते-छाते का दान करना चाहिए। धार्मिक शास्त्रों के अनुसार, निस्वार्थ भाव से किया गया दान आर्थिक परेशानियों को दूर करता है और जीवन के दुख-दोषों को कम करता है।

5. लक्ष्मी पूजन: आर्थिक संकट का होगा समाधान

अमावस्या की रात माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए भी विशेष मानी गई है। इस दिन शाम को घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं और पूरे घर को रोशनी से सराबोर रखें। माता लक्ष्मी के मंत्रों का जप और विधि-विधान से पूजा करने पर घर में धन-धान्य की वृद्धि होती है और दरिद्रता दूर होती है।

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