Rampur Advocate Murder: पहले बहस, फिर वकील के थप्पड़ और बाबू की गोली; CCTV में कैद हुई खौफनाक वारदात

Rampur Advocate Murder: जिले के जिला पंचायत परिसर में अधिवक्ता फारूख अहमद खां की दिनदहाड़े हत्या मामले ने पूरे शहर को दहला दिया है। गुरुवार को इस घटना से जुड़े दो वायरल सीसीटीवी वीडियो ने मामले को नई दिशा दे दी है।

Rampur Advocate Murder: जिले के जिला पंचायत परिसर में अधिवक्ता फारूख अहमद खां की दिनदहाड़े हत्या मामले ने पूरे शहर को दहला दिया है। गुरुवार को इस घटना से जुड़े दो वायरल सीसीटीवी वीडियो ने मामले को नई दिशा दे दी है। करीब तीन मिनट नौ सेकेंड के इन वीडियो में घटना क्रमवार दिखाई दे रहा है, जिसमें अधिवक्ता और जिला पंचायत कार्यालय के बाबू असगर अली के बीच विवाद से लेकर गोली चलने तक का घटनाक्रम देखा जा सकता है। हालांकि पुलिस ने इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और उन्हें कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

सीसीटीवी में सामने आया विवाद और हाथापाई

पहला वीडियो करीब एक मिनट 49 सेकेंड का है। इसमें देखा जा सकता है कि बाबू असगर अली अपने कार्यालय में काम कर रहे थे। इसी दौरान अधिवक्ता फारूख खां अपनी पत्नी और एक साथी के साथ वहां पहुंचे। दोनों के बीच किसी मुद्दे पर बहस शुरू हुई और कुछ ही सेकेंड में अधिवक्ता ने बाबू को तीन थप्पड़ जड़े। विवाद के दौरान बाबू ने मोबाइल निकालकर किसी को फोन किया, जिससे एक अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचा और अधिवक्ता को बाहर निकालने का प्रयास किया।

दूसरा वीडियो करीब 40 सेकेंड का है, जिसमें विवाद फिर बढ़ता दिखाई देता है। बाबू असगर अली पिस्टल निकालते हैं, जिसके बाद अधिवक्ता फिर अंदर जाते हैं और पिस्टल छीनने की कोशिश करते हैं। इस दौरान धक्का-मुक्की और हाथापाई होती है, दोनों कुर्सियों पर गिरते हैं और इसी बीच गोली चल जाती है। गोली लगने के बाद आरोपी मौके से भागने की कोशिश करता है और बाहर निकलते समय एक महिला कर्मचारी पर भी हमला करता है।

प्रदर्शन और वकील समुदाय का आक्रोश

घटना के बाद अधिवक्ता फारूख खां को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस वारदात से वकील समुदाय में भारी आक्रोश फैल गया। गुरुवार को रामपुर के साथ-साथ मुरादाबाद, संभल और अमरोहा में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया और कचहरी परिसर में नारेबाजी व हंगामा किया।

मांगें और पुलिस की जांच

अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई, मामले की त्वरित सुनवाई, एक माह में सजा सुनिश्चित करने और मृतक परिवार को पांच करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की है। साथ ही उत्तर प्रदेश में अधिवक्ता प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की भी मांग उठाई गई। पुलिस ने बताया कि वायरल वीडियो समेत सभी साक्ष्यों की गहन जांच जारी है और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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