Pakistan Islamabad Mosque Blast: इस्लामाबाद के एक इमामबाड़े में हुए आत्मघाती हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच कूटनीतिक वाकयुद्ध शुरू हो गया है। भारत ने पाकिस्तान के उन आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया है जिनमें इस आतंकी हमले के पीछे नई दिल्ली का हाथ होने की बात कही गई थी। विदेश मंत्रालय ने शनिवार को एक कड़ा बयान जारी करते हुए इन आरोपों को ‘बेबुनियाद और बेतुका’ करार दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक सुरक्षा विफलताओं और सामाजिक समस्याओं को गंभीरता से सुलझाने के बजाय दूसरों पर दोष मढ़कर खुद को धोखा दे रहा है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक बयान में इस्लामाबाद की खदीजा-तुल-कुबरा मस्जिद में हुए धमाके की कड़ी निंदा की गई और इसमें हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया गया। भारत ने कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि पाकिस्तान अपनी घरेलू बुराइयों के लिए बाहरी ताकतों को जिम्मेदार ठहराने की पुरानी आदत से मजबूर है। बयान में आगे कहा गया कि पाकिस्तान के ये आरोप जितने आधारहीन हैं, उतने ही अर्थहीन भी हैं और भारत ऐसे हर दावे को सिरे से खारिज करता है।
Our statement on the attack in Islamabad ⬇️
— Randhir Jaiswal (@MEAIndia) February 6, 2026
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दरअसल, यह विवाद तब शुरू हुआ जब पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विवादास्पद पोस्ट साझा की। आसिफ ने दावा किया कि इस हमले में शामिल आतंकवादी अफगानिस्तान आता-जाता था और इसमें भारत व अफगानिस्तान के बीच मिलीभगत के सबूत मिल रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भारत अपनी ‘शर्मनाक हार’ के बाद सीधे लड़ने की हिम्मत खो चुका है और अब ‘प्रॉक्सी वॉर’ यानी छद्म युद्ध का सहारा ले रहा है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को जुमे की नमाज के दौरान इस्लामाबाद के तरलाई इलाके में स्थित इमामबाड़े में एक आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया था। इस भीषण विस्फोट में अब तक 31 लोगों की मौत हो चुकी है और 169 लोग घायल हैं। ऐसे समय में जब पाकिस्तान सुरक्षा चुनौतियों और आतंकी हमलों से जूझ रहा है, भारत पर आरोप लगाने की उसकी कोशिश को भारतीय कूटनीतिज्ञों ने अपनी नाकामी छुपाने का एक जरिया बताया है।
