महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव: सुनेत्रा पवार बनीं राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री

सुनेत्रा पवार ने न सिर्फ उपमुख्यमंत्री का पद संभाला है, बल्कि एनसीपी की कमान भी अपने हाथों में ली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि वित्त और योजना मंत्रालय उनके पास रहेगा, जबकि सुनेत्रा पवार को राज्य उत्पाद शुल्क, खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।

Sunetra Pawar Appointed Maharashtra’s First Female Deputy Chief Minister
Sunetra Pawar Appointed Maharashtra’s First Female Deputy Chief Minister

मुंबई: महाराष्ट्र की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ देखने को मिला है। एनसीपी के वरिष्ठ नेता अजित पवार के असामयिक निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने राज्य की पहली महिला उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण की। यह शपथ मुंबई के लोकभवन में आयोजित बेहद साधारण समारोह में राज्यपाल द्वारा दिलाई गई।

सुनेत्रा पवार ने न सिर्फ उपमुख्यमंत्री का पद संभाला है, बल्कि एनसीपी की कमान भी अपने हाथों में ली है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट किया कि वित्त और योजना मंत्रालय उनके पास रहेगा, जबकि सुनेत्रा पवार को राज्य उत्पाद शुल्क, खेल और अल्पसंख्यक विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग सौंपे गए हैं।

शपथ ग्रहण समारोह के बाद शिवसेना (यूबीटी) की वरिष्ठ नेता और मुंबई की पूर्व मेयर किशोरी पेडनेकर रविवार सुबह शरद पवार से मुलाकात करने बारामती पहुंचीं। हालांकि, मुलाकात की विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे चर्चा का विषय बना दिया गया।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ भी सामने आईं। एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेता रोहित पवार ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अजित पवार के निधन का दर्द सिर पर पहाड़ जैसा है, ऐसे समय में शुभकामनाएँ देना कठिन है। वहीं, कांग्रेस नेता उदित राज ने शपथ ग्रहण के समय पर सवाल उठाया। बीजेपी ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए इसे पवार परिवार का अपमान बताया और इंदिरा गांधी की हत्या के बाद राजीव गांधी के तत्काल शपथ ग्रहण का उदाहरण दिया।

राज ठाकरे ने भी महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा किया। उन्होंने एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष के गैर-मराठी होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी की जड़ें मराठी मिट्टी में हैं, इसलिए नेतृत्व मराठी होना चाहिए।

सुनेत्रा पवार का उपमुख्यमंत्री बनना केवल संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शोक, सत्ता और परिवार के बीच संतुलन साधने की कठिन परीक्षा भी है। आने वाले दिनों में यह देखने वाली बात होगी कि वह अजित पवार की राजनीतिक विरासत को किस तरह आगे बढ़ाती हैं और महाराष्ट्र की राजनीति इस बड़े बदलाव के बाद किस दिशा में जाती है।

Related Posts

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

© 2026 Breaking News Wale - Latest Hindi News by Breaking News Wale