वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज पेश किए गए बजट 2026 के माध्यम से भारत को एक ‘टेक्नोलॉजी कंज्यूमर’ से ‘टेक्नोलॉजी लीडर’ बनाने का स्पष्ट विजन पेश किया है। इस बजट में सबसे क्रांतिकारी कदम क्रिएटर इकोनॉमी और एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (ABGC) सेक्टर को लेकर उठाए गए हैं। सरकार ने पहचान लिया है कि कंटेंट क्रिएशन अब सिर्फ एक शौक नहीं, बल्कि एक पूर्ण रोजगार क्षेत्र है, जिसके लिए शिक्षा और बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।
कंटेंट क्रिएशन और गेमिंग: शिक्षा से लेकर रोजगार तक
सरकार ने देश के 15,000 माध्यमिक स्कूलों और 500 कॉलेजों में ‘कंटेंट क्रिएटर लैब्स’ स्थापित करने की घोषणा की है। यह पहल जमीनी स्तर पर युवाओं को वीडियो प्रोडक्शन, एनीमेशन और डिजिटल कहानी सुनाने की कला में कुशल बनाएगी। गेमिंग उद्योग को एक बड़े आर्थिक स्तंभ के रूप में देखते हुए, सरकार ने इस क्षेत्र में 10 लाख से अधिक प्रोफेशनल्स को नियुक्त करने का लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त, नेशनल डिजाइन स्कूल और विशेष लैब के जरिए नए क्रिएटर्स को विश्व स्तरीय तकनीक और डिजाइन शिक्षा प्रदान की जाएगी।
AI, डीप-टेक और सेमीकंडक्टर: विकसित भारत का ‘ऑपरेटिंग सिस्टम’
टेक्नोलॉजी के मोर्चे पर वित्त मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को गवर्नेंस का मुख्य हिस्सा बनाने का प्रस्ताव रखा है। उन्होंने इसे एक ‘मल्टीप्लायर’ के रूप में परिभाषित किया है जो सरकारी सेवाओं की दक्षता को बढ़ाएगा।
- 10,000 टेक फेलोशिप: IITs और IISc जैसे प्रीमियम संस्थानों में AI और डीप-टेक अनुसंधान के लिए युवाओं को विशेष फेलोशिप दी जाएगी।
- सेमीकंडक्टर मिशन 2.0: भारत को चिप मैन्युफैक्चरिंग का ग्लोबल हब बनाने के लिए ₹40,000 करोड़ के विशाल बजट के साथ इस मिशन का अगला चरण शुरू किया गया है।
- डीप-टेक और रोबोटिक्स: नई पॉलिसी के तहत उन स्टार्टअप्स को भारी प्रोत्साहन (Incentives) दिया जाएगा जो रोबोटिक्स और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग में काम कर रहे हैं।
- बायोफार्मा शक्ति: स्वास्थ्य और तकनीक के संगम को बढ़ावा देने के लिए ₹10,000 करोड़ की योजना शुरू की गई है, जो डिजिटल हेल्थकेयर और रिसर्च को नई दिशा देगी।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग
सरकार ने डिजिटल इंडिया के अगले चरण के लिए टेलीकॉम और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को भारत की अर्थव्यवस्था का ‘ऑपरेटिंग सिस्टम’ करार दिया है।
- ₹12.2 लाख करोड़ का निवेश: इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आवंटित यह राशि 5G के विस्तार और 6G की तैयारी के साथ-साथ डेटा केंद्रों की स्थापना में तेजी लाएगी।
- सस्ती क्रिएटर किट: स्पोर्ट्स गुड्स और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे सात प्रमुख क्षेत्रों में मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने से कैमरा, माइक्रोफोन और लाइटिंग जैसे क्रिएटर्स के लिए जरूरी उपकरण सस्ते होने की उम्मीद है।
- क्वांटम मिशन और समावेशी AI: नेशनल क्वांटम मिशन की शुरुआत के साथ सरकार एक ऐसा AI फ्रेमवर्क तैयार करना चाहती है जो न केवल शहरी क्षेत्रों, बल्कि महिलाओं, किसानों और दिव्यांग जनों के लिए भी मददगार साबित हो।
इंडस्ट्री के विशेषज्ञों का मानना है कि जहां एक ओर यह बजट इनोवेशन के द्वार खोलता है, वहीं AI और डेटा स्टोरेज की बढ़ती लागत के कारण भविष्य में मोबाइल और कंप्यूटर जैसे उपकरणों की कीमतों में वृद्धि की चुनौती भी सामने आ सकती है। सरकार का लक्ष्य स्पष्ट है—अगले पांच वर्षों में भारत को डिजिटल दुनिया की महाशक्ति बनाना, जिसमें हर युवा क्रिएटर और इनोवेटर की भागीदारी हो।
