Iran-US Tensions: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है और दोनों देश युद्ध के मुहाने पर खड़े नजर आ रहे हैं। तेहरान ने बुधवार को स्पष्ट चेतावनी दी है कि उनकी सेना किसी भी अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए कहा कि देश की सेना ट्रिगर पर उंगली रखे हुए है और किसी भी हमले का जवाब अभूतपूर्व होगा। यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी के बाद आई है जिसमें उन्होंने ईरान को परमाणु कार्यक्रम पर समझौता करने या फिर बड़े पैमाने पर सैन्य हमले का सामना करने की चेतावनी दी थी। ट्रंप ने साफ किया था कि एक विशाल अमेरिकी जंगी बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है और बातचीत का समय अब खत्म हो चुका है।
ईरानी विदेश मंत्री ने जहां एक तरफ युद्ध के लिए तैयार होने की बात कही, वहीं दूसरी तरफ बातचीत का एक छोटा रास्ता भी खुला रखा है। अराघची के मुताबिक ईरान एक ऐसी निष्पक्ष और बराबरी वाली न्यूक्लियर डील का स्वागत करता है जो धमकियों से मुक्त हो और ईरान के शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के अधिकारों की गारंटी दे। उन्होंने फिर से दावा किया कि ईरान का मकसद कभी परमाणु हथियार हासिल करना नहीं रहा है और उनका कार्यक्रम केवल रिसर्च और नागरिक ऊर्जा के विकास के लिए है। हालांकि अमेरिका इन दावों पर यकीन करने को तैयार नहीं है और उसका मानना है कि ईरान चोरी-छिपे परमाणु क्षमता विकसित कर रहा है।
Our brave Armed Forces are prepared—with their fingers on the trigger—to immediately and powerfully respond to ANY aggression against our beloved land, air, and sea.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) January 28, 2026
The valuable lessons learned from the 12-Day War have enabled us to respond even more strongly, rapidly, and… pic.twitter.com/kEuj0dmBaK
तनाव की इस आग में घी डालने का काम ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के सलाहकार अली शामखानी के बयान ने किया है। शामखानी ने सीधे तौर पर अमेरिका और इजरायल को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर की सैन्य कार्रवाई को सीधे तौर पर युद्ध की शुरुआत माना जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान का जवाब केवल बचाव तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि वह सीधे तेल अवीव के दिल और अमेरिका के सभी समर्थकों को अपना निशाना बनाएगा। फिलहाल अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की अगुवाई में जंगी जहाजों का काफिला ईरान की ओर बढ़ रहा है जिससे क्षेत्र में कभी भी संघर्ष छिड़ने की आशंका बनी हुई है।
