Apple Siri Settlement: अमेरिका में कई ऐपल यूजर्स के लिए आज का दिन खुशियां लेकर आया है क्योंकि उनके बैंक खातों में अचानक पैसे आने लगे हैं। यह रकम आईफोन के वॉयस असिस्टेंट सिरी (Siri) की प्राइवेसी से जुड़े एक पुराने विवाद के निपटारे के तौर पर भेजी जा रही है। दरअसल, ऐपल पर यह आरोप लगा था कि सिरी बिना अनुमति के यूजर्स की निजी बातचीत रिकॉर्ड कर रहा था। इस मामले में कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ऐपल ने 95 मिलियन डॉलर, जो भारतीय रुपयों में लगभग 869 करोड़ रुपये होते हैं, के सेटलमेंट पर अपनी सहमति दी थी। अब इसी राशि का वितरण उन प्रभावित यूजर्स को किया जा रहा है जिन्होंने समय पर अपना दावा पेश किया था।
यह पूरा विवाद साल 2019 में शुरू हुआ था जब कई यूजर्स ने सोशल मीडिया पर शिकायत की थी कि सिरी उनकी मर्जी के बिना खुद-ब-खुद एक्टिव हो जाता है और उनकी बातों को रिकॉर्ड कर लेता है। हालांकि ऐपल ने अपनी ओर से किसी भी तरह की तकनीकी गलती या प्राइवेसी के उल्लंघन से इनकार किया, लेकिन मामले को और लंबा न खींचने के लिए पिछले साल ही कोर्ट के बाहर समझौते के लिए हामी भर दी थी। साल 2025 के मध्य तक कंपनी ने प्रभावित लोगों से दावे स्वीकार किए और अब साल 2026 की शुरुआत में भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जिन लोगों ने डिजिटल पेमेंट ऐप्स या सीधे बैंक ट्रांसफर का विकल्प चुना था, उनके खातों में पैसे पहुंचने शुरू हो गए हैं। वहीं, जिन यूजर्स ने भुगतान के अन्य वैकल्पिक माध्यम चुने थे, उन्हें अभी कुछ और समय का इंतजार करना पड़ सकता है। इस सेटलमेंट का लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें भी रखी गई थीं। इसके तहत यूजर के पास 17 सितंबर 2014 से 31 दिसंबर 2024 के बीच कम से कम एक ऐसा ऐपल डिवाइस होना जरूरी था जो सिरी को सपोर्ट करता हो। साथ ही यूजर को यह भी बताना था कि इस दौरान सिरी उनकी अनुमति के बिना सक्रिय हुआ था।
ऐपल का सिरी एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित वॉयस असिस्टेंट है जो आईफोन, आईपैड, मैक और ऐपल वॉच जैसे उपकरणों में मिलता है। यह वॉयस कमांड के जरिए कॉल करने, मैसेज भेजने, अलार्म सेट करने और स्मार्ट होम डिवाइसेज को कंट्रोल करने जैसे काम करता है। प्राइवेसी को लेकर आए इस बड़े फैसले और करोड़ों रुपये के भुगतान ने तकनीकी जगत में डेटा सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर रेखांकित कर दिया है।
