मिर्जापुर सेक्स एंड कन्वर्जन रैकेट: जिम की आड़ में महिलाओं का शिकार करने वाले इमरान और लकी अली पर लुकआउट नोटिस जारी

Mirzapur Sex & Conversion Racket: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे धर्मांतरण और यौन शोषण के बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस ने फरार मुख्य आरोपियों के खिलाफ अपना शिकंजा और भी ज्यादा कस दिया है।

Mirzapur Conversion Racket Crackdown: उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में जिम की आड़ में चल रहे धर्मांतरण और यौन शोषण के बड़े रैकेट का खुलासा होने के बाद अब पुलिस ने फरार मुख्य आरोपियों के खिलाफ अपना शिकंजा और भी ज्यादा कस दिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मुख्य आरोपी इमरान और लकी अली खान के देश छोड़कर भागने की खुफिया सूचना मिली है। इस इनपुट पर बिजली की गति से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दिल्ली अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और नेपाल सीमा की ओर अपनी पांच टीमें रवाना कर दी हैं ताकि आरोपियों को विदेश भागने से पहले ही दबोचा जा सके।

दुबई भागने की फिराक में आरोपी और लुकआउट नोटिस

जांच में यह बात सामने आई है कि फरार आरोपियों इमरान और लकी के पास वैध पासपोर्ट हैं और इमरान का पहले भी दुबई आना-जाना रहा है। पुलिस को सर्विलांस और फोन कॉल्स के जरिए उनकी मूवमेंट और भागने की प्लानिंग से जुड़ी अहम जानकारी हाथ लगी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी कर दिया है और उन पर 25-25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया है। पुलिस का मानना है कि आरोपियों के पास अंतरराष्ट्रीय संपर्क हो सकते हैं, जिसका फायदा उठाकर वे खाड़ी देशों में शरण लेने की कोशिश कर रहे हैं।

जिम की आड़ में ‘मल्टी-लेयर ट्रैपिंग सिस्टम’ का भंडाफोड़

इस पूरे सनसनीखेज रैकेट का खुलासा एक पासवर्ड-प्रोटेक्टेड मोबाइल फोल्डर के जरिए हुआ। शुरुआत में पुलिस के पास ठोस सबूतों की कमी थी, लेकिन जब आरोपी मोहम्मद शेख अली के फोन का पासवर्ड खुलवाया गया, तो उसमें 50 से अधिक महिलाओं की तस्वीरें और वीडियो मिले। जांच में पता चला कि यह गिरोह ‘KGN’ सीरीज के विभिन्न जिमों और फिटनेस क्लबों के जरिए अमीर घरों की महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। गिरोह के सदस्य महिलाओं को मुफ्त जिम ट्रेनिंग का लालच देते थे और धीरे-धीरे उन्हें दोस्ती के जाल में फंसाकर ब्लैकमेल करना शुरू करते थे।

बुर्का, निकाह और धर्मांतरण का दबाव

पुलिस की जांच में आरोपियों के तौर-तरीकों को लेकर बेहद चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। आरोपी महिलाओं का यौन शोषण करने के बाद उनके आपत्तिजनक वीडियो बना लेते थे और फिर उनसे मोटी रकम की मांग करते थे। पैसे न दे पाने की स्थिति में उन पर इस्लाम स्वीकार करने और निकाह करने का दबाव बनाया जाता था। कई महिलाओं को जबरन बुर्का पहनाकर सार्वजनिक स्थानों और मजारों पर ले जाया जाता था ताकि उनका माइंडवॉश किया जा सके। इस रैकेट का जाल इतना व्यवस्थित था कि अगर कोई महिला एक जिम में उनके जाल में नहीं फंसती थी, तो गिरोह के सदस्य उसकी तस्वीर आपस में शेयर कर उसे दूसरे जिम में ‘टारगेट’ की तरह भेज देते थे।

पुलिस महकमे तक फैला गिरोह का जाल

मिर्जापुर पुलिस अब तक इस मामले में कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें सबसे चौंकाने वाला नाम जीआरपी के सिपाही शादाब का है। शादाब को एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था। एसएसपी सोमेन वर्मा के अनुसार, शुरुआत में केवल दो महिलाओं ने हिम्मत दिखाकर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन जांच आगे बढ़ने पर करीब 30 महिलाएं सामने आई हैं जिन्होंने अपनी आपबीती साझा की है। पुलिस ने वह गाड़ियां भी बरामद कर ली हैं जिनका इस्तेमाल महिलाओं को घुमाने-फिराने और इस आपराधिक नेटवर्क को संचालित करने के लिए किया जाता था।

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